मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों को भरोसा है आगामी लोकसभा चुनाव के पूर्व मप्र शासन द्वारा किसान कर्ज मुक्ति के बाद अगला कदम पेंशनरों व कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते पर फैसला अविलंब करते हुए वचनपत्र की ओर बढ़ेगी। इस कदम पर लाखों पेंशनरों कर्मचारियों की निगाह टीकीं है।
मप्र में केन्द्रीय कर्मचारियों के मुकाबले जुलाई 18 से 2% व पेंशनरों को जनवरी व जुलाई 18 से 2;2% महँगाई भत्ता लंबित चल रहा है। कमलनाथ सरकार का रूख कर्मचारियों के प्रति अनुकूल है व वचनपत्र पर गंभीरतापूर्वक सद्प्रयास की सुगबुगाहट है। शुरूआत महँगाई भत्ते से की जाए। चंद दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2019 से 3% महँगाई भत्ता मिलने की प्रबल संभावना है। विधानसभा निर्वाचन में कर्मचारियों का समर्थन किसी से छुपा नहीं है।